Tuesday, 26 March 2013
Tuesday, 5 March 2013
तनहाई का मौसम
बेचैन कर देंगे इतना
कि पल पल याद
सताएगी हमारी
तनहाई का मौसम बीता
अब मिलने की है बारी ....
अमित गुप्ता
कि पल पल याद
सताएगी हमारी
तनहाई का मौसम बीता
अब मिलने की है बारी ....
अमित गुप्ता
जब उनकी बात होती है
जब कभी किसी से
उनकी बात होती है
दिल में हलचल - सी
दिन - रात होती है
बेकरारी का आलम
तनहाई साथ होती है
एक भी झलक उनकी
ख़ुशी की सौगात होती है
चले आये वो मिलने तो
रिमझिम बरसात होती है.
दीपअमित गुप्ता
उनकी बात होती है
दिल में हलचल - सी
दिन - रात होती है
बेकरारी का आलम
तनहाई साथ होती है
एक भी झलक उनकी
ख़ुशी की सौगात होती है
चले आये वो मिलने तो
रिमझिम बरसात होती है.
दीपअमित गुप्ता
Thursday, 28 February 2013
दिल धड़कने लगा है
इतना प्यार न करो हमसे
कि ये दिल धड़कने लगा है
तुम्हारे पास आने को
अब मचलने लगा है
ज़माना दिल की बात समझता नहीं
अब तो ज़माना भी दुश्मन लगने लगा है
अमित गुप्ता
कि ये दिल धड़कने लगा है
तुम्हारे पास आने को
अब मचलने लगा है
ज़माना दिल की बात समझता नहीं
अब तो ज़माना भी दुश्मन लगने लगा है
अमित गुप्ता
जबसे हुई है तुमसे मोहब्बत
इतना प्यार न करो हमसे
कि ये दिल धड़कने लगा है,
दूर रहना दुशवार हो गया
पास आने को तड़पने लगा है,
दिल की बात समझता नहीं
ज़माना दुश्मन लगने लगा है,
जबसे हुई है तुमसे मोहब्बत
दिल खुद से बातें करने लगा है,
इंतजार करना हुआ मुश्किल
वक़्त कुछ धीरे चलने लगा है .
दीपअमित गुप्ता
कि ये दिल धड़कने लगा है,
दूर रहना दुशवार हो गया
पास आने को तड़पने लगा है,
दिल की बात समझता नहीं
ज़माना दुश्मन लगने लगा है,
जबसे हुई है तुमसे मोहब्बत
दिल खुद से बातें करने लगा है,
इंतजार करना हुआ मुश्किल
वक़्त कुछ धीरे चलने लगा है .
दीपअमित गुप्ता
Wednesday, 13 February 2013
Our Love is like a Virtuous Shrine
From the day
you are mine,
each day of life
is of valentine.
When you feel something
my heart perceives,
I want to say something
Your conscience receives,
In which we are stringed together,
Affinity of hearts becomes divine.
When you hold me
in your enormous arms,
I feel I have got
the whole world's charms,
To which we are completely devoted,
Our love is like a virtuous shrine.
you are mine,
each day of life
is of valentine.
my heart perceives,
I want to say something
Your conscience receives,
In which we are stringed together,
Affinity of hearts becomes divine.
When you hold me
in your enormous arms,
I feel I have got
the whole world's charms,
To which we are completely devoted,
Our love is like a virtuous shrine.
Friday, 1 February 2013
मुक्तक
थोड़ी सी मौसिकी, थोड़ी सी
शायरी का अहतराम करते हैं,
मगर पूरा शायर बन जाते हैं
जब आपका ख्याल करते हैं।
अमित गुप्ता
शायरी का अहतराम करते हैं,
मगर पूरा शायर बन जाते हैं
जब आपका ख्याल करते हैं।
अमित गुप्ता
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