Monday, 30 July 2012

अभी संभलना बाकी है

कितनी बातों का मतलब अभी समझना बाकी है,
ठहर जाओ कि दिल का अभी संभलना बाकी है.

डर है कहीं अजनबी न रह जाएँ हम
चाहकर  भी कुछ न कह पायें हम
मिलने लगी हैं राहें पर
हमें अभी खुद को समझना बाकी है,
ठहर जाओ कि दिल का अभी संभलना बाकी है.

क्या जानें दिल की बातें जो नादान हैं
सीने में उठते तूफ़ान से अनजान हैं
थमने लगी है आंधी पर
मौसम का अभी बदलना बाकी है,
ठहर जाओ कि दिल का अभी संभलना बाकी है.




रुपहले रंग

रुपहले इन रंगों  में
यूँ रंग गई आँखें
कि नज़र आया न
कुछ और फिर...

डूब गए इस कदर
की भूल बैठे सब

बनकर बादल आज ये रंग -
बरस गए आँखों से,तो जाना-
और भी हैं रंग इस जहाँ में,

बेतरतीब हो चली थी
हर चीज़ ज़िन्दगी में,
होश में आये तो जाना-
जीने का भी है ढंग इस जहाँ में...


Sunday, 29 July 2012

क्यूँ, किसलिये

क्यूँ, किसलिये?
कैसा संताप मन में...
जबकि ये पता है-
सौंप रखा है -
वो पल ज़िन्दगी ने -
आने वाले कल की अंगड़ाई को...

फिर क्यूँ नहीं -
कुछ देर आँखें मूँद,
भूल जाएँ हम
इस पल की परछाई को...

क्या रखा है
इस लम्हे में ?

क्यूँ इसको थामे रखा है ?
गुज़र जाने दो इसे-
जिस पल को बांधे रखा है...


Saturday, 28 July 2012

समझ नहीं पाती-2

समझ नहीं पाती
सूखकर मुरझाने दूँ
इन लताओं को
जो रौंपी थी कभी
अपने ही हाथों से

या सिंचित कर
तरोताज़ा होने दूँ

सूखी मिट्टी में
पानी के छींटे पड़ते हैं
सौंधी-सी अपनी खुशबू से
अलसाई शाखों में
नवचेतना भरते हैं।

समझ नहीं पाती -1

समझ नहीं पाती
कि धुल जमने दूँ
या झाड़कर
साफ़ सुथरा कर-
सहेजकर रखूँ
शेल्फ पर पड़ी -
पुरानी किताबों को
कुछ दुबकी पड़ी हैं
कोनों में इधर-उधर
छुप गई हों मानो
सफाई के डर से,
कुछ - झांकती - सी
दिखती हैं बाहर
झाड़ - पोंछ की मानो -
करती हों गुहार।

Wednesday, 25 July 2012

The shower


when it is shower
upon the building and on the tower
on the leaves and on the flower,

everything gets pure
make the beauty sure
shows the natures cure,

When it stops drizzling
Birds start sizzling
Sputter on the trees dangling.

Tuesday, 24 July 2012

The life


Various types of things
Scattered around us,
Filthy and fine.
Filthy of these
Attempt to bind us.

Distinct incidents
In life one owns,
Heat of sun and
Shadow of love,
Flowers and thorns,

Thorns just meant
To arise distress,
Flowers bloom to
Beautify the world,
And give fragrance
To the distressed one.